कभी कोई उसके कंधे पर सिर रखकर पूछे भी— “तू ठीक है?”
पर शायद एक याद बनकर… कभी-कभी याद आ ही जाऊँ।
क्योंकि मोहब्बत में बस दर्द पाया है मैंने।
तेरी यादों में डूबकर… चाँद से भी रूठ गए।
रिश्ते अगर दिल से निभाए जाएं तो अमर हो जाते हैं,
और दिल में दर्द की लहरें— एक-एक कर उठती रहीं।
चेहरे पर उसके हल्की-सी उदासी साफ दिखाई देती है,
संवर गई तो जन्नत, नहीं तो सिर्फ तमाशा है
कभी-कभी दिल चाहता है कि भीड़ में खो जाऊँ,
चार घर की दूरी है, और बीच में सारा जमाना है…!!!
न जाने तन्हाई में कितने अश्क बहाते हैं।
तेरी Sad Shayari in Hindi यादों के जख़्म और गहरे हो जाते हैं।
वो मुस्कुरा देती है ताकि कोई दर्द पहचान न पाए,
ज़ख़्म दिल में लिखे थे… लोगों ने मज़ाक समझ लिया,